नई दिल्ली, 26 अक्टूबर, 2026। राजधानी में कुत्तों, बंदरों, बिल्लियों और अन्य जानवरों के हमलों के शिकार लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली नगर निगम अपने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। निगम ने अगले दो साल की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कुल 1.20 लाख शीशियों की खरीद की योजना को मंजूरी दी है। इसमें से 21,500 शीशियां मई में खरीदी जा चुकी हैं, जबकि शेष 98,500 शीशियों की खरीद की स्वीकृति दी गई है।
एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन सत्या शर्मा ने कहा कि जानवरों के हमलों के शिकार लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है। इसके लिए निगम के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि जरूरतमंद लोगों को इलाज के दौरान वैक्सीन की कमी के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि जानवरों के काटने या हमले की स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। ऐसे मामलों में स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक वैक्सीन का पर्याप्त भंडार बनाए रखना महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से एमसीडी ने अपनी स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरतों का आकलन कर अगले दो वर्षों के लिए वैक्सीन की खरीद की योजना तैयार की है।
सत्या शर्मा ने बताया कि एमसीडी के चार अस्पतालों और 25 स्वास्थ्य केंद्रों में जानवरों के काटने के शिकार लोगों को उपचार उपलब्ध कराया जाता है। इन स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी रेबीज वैक्सीन की जरूरत को ध्यान में रखते हुए निगम ने सालाना औसतन लगभग 60 हजार शीशियों की आवश्यकता का आकलन किया है। इसी आधार पर दो साल के लिए कुल 1.20 लाख शीशियों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है।
सत्या शर्मा ने कहा कि एमसीडी का प्रयास है कि निगम के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को जरूरी चिकित्सा सुविधाएं समय पर मिलें। एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन की खरीद की योजना स्वास्थ्य संस्थानों की अनुमानित जरूरत के अनुरूप बनाई गई है, ताकि लोगों को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
