नई दिल्ली, 9 अक्टूबर । मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला। नई दिल्ली स्थित एआईसीसी कार्यालय, अकबर रोड से शुरू हुआ यह मार्च इंडिया गेट की ओर बढ़ा। इस दौरान युवा कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए।
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगा और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग करता रहेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की विश्वसनीयता चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और स्वतंत्रता पर निर्भर करती है। जब चुनाव आयोग के कामकाज पर गंभीर सवाल उठ रहे हों, तो उसके नेतृत्व की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
चिब ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग किसी राजनीतिक दल या सरकार की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि एक संवैधानिक संस्था है। इसकी जिम्मेदारी जनता के जनादेश की रक्षा करना है। यदि इस संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो इसका असर लोकतंत्र की बुनियाद पर पड़ता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वैध सवालों का जवाब देने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के प्रयास जनता के विश्वास को कमजोर करते हैं। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस का विरोध संविधान की रक्षा, चुनावी लोकतंत्र को मजबूत करने और प्रत्येक नागरिक की आवाज उठाने के अधिकार की लड़ाई है।
उदय भानु चिब ने कहा कि भारतीय युवा कांग्रेस बैरिकेडिंग और प्रतिबंधों से डरने वाली नहीं है। संगठन जवाबदेही सुनिश्चित होने तक शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को सत्ता में बैठे लोगों की सुविधा के लिए बंधक नहीं बनाया जा सकता और जनता का जनादेश सर्वोपरि रहना चाहिए।
