देश को जानो, प्यार करो और विकास की राह पर ले चलो : प्रो. योगेश सिंह


नई दिल्ली, 27 अक्टूबर, 2026। दिल्ली विश्वविद्यालय में 'युवा संगम' फेज-7 के तहत 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' अभियान के अंतर्गत केंद्रीय विश्वविद्यालय तमिलनाडु के छात्रों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत किया गया। उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक सेतु का निर्माण करने वाले विशेष कार्यक्रम के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में समारोह का आयोजन किया गया।

प्रोफेसर हंसराज सुमन , संयुक्त निदेशक, गांधी भवन, दिल्ली विश्वविद्यालय ने बताया कि समारोह में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने छात्रों में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्र निर्माण की अलख जगाई। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने देश को प्यार करे, उसे गहराई से जाने और हरसंभव तरीके से विकास की राह पर आगे ले जाएं। कुलपति ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कोई भी कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं होता, बल्कि यह वास्तव में विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृतियों, परंपराओं और विचारों के बीच भावनाओं का एक अनूठा संगम होता है।

इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मिलन के अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन ऑफ कॉलेजेस प्रो. बलराम पाणी, डीन प्लानिंग प्रो. निरंजन कुमार, नॉन-कॉलेजिएट वुमेंस एजुकेशन बोर्ड की निदेशक प्रो. गीता भट्ट, गांधी भवन के संयुक्त निदेशक प्रोफेसर हंसराज सुमन और दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य समेत कई वरिष्ठ शिक्षाविद उपस्थित रहे। इन सभी वरिष्ठ अधिकारियों और प्राचार्यों ने दोनों राज्यों के युवाओं के बीच इस शैक्षणिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को बढ़ाने वाले प्रयास की भूरि-भूरि सराहना की और छात्रों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करते हुए नोडल ऑफिसर प्रो. केपी सिंह ने इस सांस्कृतिक शैक्षणिक विनिमय आयोजन को 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना का मूल आधार बताया।उन्होंने कहा कि यह महज एक यात्रा नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों को भाषाई और सांस्कृतिक रूप से आपस में जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है।

समारोह के समापन सत्र में एआईसीटीई की सदस्य सचिव एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सचिव प्रो. श्यामा रथ ने मंच से उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों, प्राध्यापकों और तमिलनाडु से आए प्रतिभागी छात्रों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

इस आयोजन में एआईसीटीई के निदेशक नरेश ग्रोवर, प्राचार्या प्रो. भावना पांडे, प्रो.विजया लक्ष्मी पंडित, प्रो. गुरमोहिंदर सिंह, प्रो. नचिकेता आदि रहे। यह कार्यक्रम आने वाले दिनों में देश की एकता और अखंडता को और मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा। मंच संचालन प्रो.चारू कालरा ने किया। कार्यक्रम में प्रो. मनोज कुमार कैन, डॉ मनीष कुमार, डॉ जयंती, डॉ अनिरुद्ध कुमार सुधांशु, डॉ आलोक रंजन, डॉ जैनेंद्र कुमार आदि की उपस्थिति रही।

 

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