नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। आम आदमी पार्टी ने शालीमार बाग में सारी तैयारियां होने के बावजूद रामलीला के आयोजन पर रोक लगाने पर भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार को आड़े हाथ लिया है। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता ‘राम’ विरोधी हैं। इसलिए उन्होंने अपनी ही विधानसभा में राम लीला के आयोजन की अनुमति रद्द कर दी। जबकि आयोजकों की ओर से रामलीला की सारी तैयारी हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि सुनने में आ रहा है कि भाजपा के लोग छठ पूजा समितियों से कह रहे हैं कि अगर भाजपा में शामिल नहीं हुए तो कांवड़ शिविर लगाने नहीं दिया जाएगा। भाजपा सभी धार्मिक संस्थाओं पर अपना कब्जा चाहती है, ताकि वह अपनी लूट को जनता से से छिपा सके। हमारी मांग है कि मुख्यमंत्री को बताएं कि सारी तैयारियां होने के बाद रामलीला पर रोक क्यों लगाई?
गुरुवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बुधवार से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भगवान राम को मारने की बात कर रही हैं और कह रही हैं कि हर राम को मारना है। हमें लगा था कि रेखा गुप्ता भगवान राम और तमाम हिंदुओं से माफी मांगेंगी कि उनके मुंह से गलती से यह निकल गया और ईश्वर उन्हें माफ करे। लेकिन इसके बजाय उन्होंने अपने इस पाप को छिपाने के लिए एक महापाप किया और कहा कि वह एआई का वीडियो है। जिस महिला को एक्यूआई बोलना नहीं आता, वह उसे एआई वीडियो बता रही है।
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि भगवान राम से उनकी दुश्मनी सिर्फ यहीं खत्म नहीं हो रही है। कुछ दिनों पहले पूरी दुनिया ने राम मंदिर में चंदा चोरी देखी है और अब हमें जानकारी मिली है कि रेखा गुप्ता की अपनी विधानसभा के शालीमार गांव में रहने वाले एक पिता-पुत्री ने रामलीला के लिए परमिशन ली और पैसा भी जमा कराया। लेकिन जिस दिन रामलीला शुरू होनी थी, एसएचओ ने आकर उन्हें डराया-धमकाया, थाने ले गया और रामलीला नहीं करने दी। वे पिता-पुत्री सीधे तौर पर रेखा गुप्ता और उनके परिवार पर आरोप लगा रहे हैं कि उनके पैर पड़ने के बावजूद उन्होंने अपनी ही विधानसभा में भगवान राम की रामलीला रुकवा दी और परमिशन कैंसिल करा दी। यह वही शालीमार गांव है जहां कुछ दिनों पहले लोगों की गुहार के बावजूद रेखा गुप्ता ने बुलडोजर चलवा कर गरीबों के घर गिरवा दिए थे।
सौरभ भारद्वाज ने याद दिलाया कि चिराग दिल्ली में भी एक बहुत भव्य रामलीला होती थी। समस्या यह थी कि पड़ोस में भाजपा के लोग भी रामलीला कराते थे, जहां झूला 120 रुपए में झुलाया जाता था, जबकि दूसरी रामलीला में केवल 30 रुपए लिए जाते थे। भाजपा की रामलीला में हो रही लूट के कारण लोगों ने वहां जाना बंद कर दिया था, क्योंकि कोई गरीब आदमी अपने दो बच्चों को झूला झुलाने के लिए 480 रुपए नहीं दे सकता। यही स्थिति कांवड़ शिविरों में भी देखी गई, जहां भाजपा विधायकों ने लोगों पर दबाव बनाया कि यदि वे भाजपा में शामिल नहीं हुए तो उन्हें कांवड़ शिविर नहीं लगाने दिया जाएगा। अब दिवाली के बाद होने वाली छठ पूजा को लेकर भी सुनने में आ रहा है कि भाजपा नेता व विधायक समितियों को बुलाकर कह रहे हैं कि अगर भाजपा जॉइन नहीं की तो छठ पूजा नहीं करने दी जाएगी।
जनता से अपनी लूट छिपाने के लिए भाजपा धार्मिक संस्थाओं पर कब्जा करना चाहती है- सौरभ भारद्वाज
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इसका मतलब यह है कि जहां-जहां भी धर्म के नाम पर पैसा इकट्ठा होता है, चाहे वह रामलीला, कांवड़ शिविर, छठ पूजा या राम मंदिर हो, भाजपा वहां अपनी ठेकेदारी करना चाहती है। चूंकि धर्म के नाम पर दिए गए चंदे (जैसे 2100 या 2,51,000 रुपए) का कोई हिसाब नहीं मांगता, इसलिए इन कामों में संभवतः बड़ी लूट हो रही है। भाजपा चाहती है कि इस लूट का किसी को पता न चले, इसीलिए वह सभी धार्मिक संस्थाओं पर कब्जा रखना चाहती है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता को भगवान राम और उनके श्राप से डरना चाहिए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवान हनुमान जी को सड़कों पर नचा रहे थे और खुद रथ पर बैठे थे। राम मंदिर में चोरी की गई और अब रेखा गुप्ता कह रही हैं कि हर राम को मारा जाए। फिर झूठ बोल रही हैं कि यह वीडियो एआई जनरेटेड है और उनके अपने ही वोटर आरोप लगा रहे हैं कि टेंट और झूलों की सारी व्यवस्था होने के बावजूद उन्होंने पुलिस भेजकर रामलीला रुकवा दी। यह एक बहुत बड़ा पाप है और रेखा गुप्ता को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि किन परिस्थितियों में उन्होंने भगवान राम के बारे में ऐसे शब्द बोले और अपनी विधानसभा में रामलीला क्यों रुकवाई?
